HSG Test in Hindi: फैलोपियन ट्यूब की जांच का आसान तरीका

hsg test in hindi

HSG Test in hindi, जिसे Hysterosalpingography ‘हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी’ भी कहते हैं, आपके गर्भाशय (Uterus) और आपकी फैलोपियन ट्यूबों (Fallopian Tubes) की condition को समझने में help करता है। गर्भधारण (conceive) करने के लिए (fallopian tubes) फैलोपियन ट्यूबों का खुला होना बहुत ज़रूरी है, और इसी HSG जाँच के माध्यम से doctors यह समझते हैं। HSG Test, हमें यह clearly बताता है कि क्या tube खुली हैं, (Partial) आंशिक रूप से block हैं, या पूरी तरह से block हैं। 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन (National Library of Medicine) की research के अनुसार, दुनिया भर में 25% से 33% तक (infertility) बांझपन के मामलों के लिए (fallopian tubes) फ़ैलोपियन ट्यूबों की कार्यक्षमता में कमी या रुकावट ज़िम्मेदार होती है। इसी रुकावट को जानने के लिए HSG Test एक ज़रूरी test माना जाता है।

Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology & IVF Specialist) का कहना है कि यह information हमारे लिए आगे के treatment की दिशा तय करने में बहुत ज़रूरी होती है।

अगर आप भी इस HSG test kya hota hai(HSG Test in Hindi) की पूरी प्रक्रिया, इसके फ़ायदों और इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात को जानना चाहती हैं, तो यह blog आपके सारे सवालों का जवाब है।

HSG Test Kya Hota Hai? (एचएसजी टेस्ट क्या होता है?)

HSG Test in Hindi

HSG Test in Hindi – HSG का पूरा नाम है हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी (Hysterosalpingography)। यह एक विशेष प्रकार का x-ray टेस्ट है जो गर्भाशय (Uterus) और फैलोपियन ट्यूबों (Fallopian Tubes) की अंदरूनी बनावट को साफ़-साफ़ दिखाता है।

यह कैसे काम करता है? (hsg test का process कैसे होता है)

इस process में, आपके गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के माध्यम से एक विशेष रंगीन तरल पदार्थ (जिसे contrast material dye कहते हैं) को धीरे-धीरे गर्भाशय (uterus) के अंदर डाला जाता है।

  1. अगर फैलोपियन ट्यूब (fallopian tubes) खुली हुई हैं, तो यह डाई गर्भाशय से होते हुए tubes से गुज़रकर पेट के कैविटी (Abdominal Cavity) में फैल जाती है।
  2. X-ray लेने पर, dye से भरा हुआ मार्ग एक साफ़ सफ़ेद रेखा के रूप में दिखाई देता है।
  3. यदि फैलोपियन ट्यूब (fallopian tubes) में कहीं रुकावट है, तो dye उस बिंदु से आगे नहीं जा पाती, जिससे doctors को blockage की जगह और गंभीरता का पता चल जाता है।

यह test बांझपन के कारणों का पता लगाने में सबसे ज़रूरी पहला कदम होता है।

HSG Test कब करवाना चाहिए?

HSG Test हमेशा आपके periods खत्म होने के बाद और (Ovulation) ओव्यूलेशन से पहले किया जाता है। आमतौर पर यह आपके मासिक चक्र के 7वें से 10वें दिन के बीच करवाया जाता है।

आपको यह test तब करवाना चाहिए जब:


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  • आप 12 महीने या उससे अधिक समय से प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं।
  • आपकी उम्र 35 साल से अधिक है और 6 महीने की कोशिश के बाद भी सफलता नहीं मिली।
  • आपको पहले (pelvis infection) पेल्विक इन्फेक्शन या (Endometriosis) एंडोमेट्रियोसिस की समस्या रही हो।
  • आपका पहले (miscarriage) मिसकैरेज या (Etopic) एक्टोपिक (pregnancy) प्रेगनेंसी हो चुकी हो।
  • अगर आपके Doctor द्वारा (fallopian tubes) फैलोपियन ट्यूब में समस्या बताई गयी हो।

इसके अतिरिक यदि आपके डॉक्टर या fertility expert ने आपको HSG Test का परामर्श दिया हो तब भी आपको HSG test जरूर कराना चाहिए।

एचएसजी टेस्ट कैसे किया जाता है?

hsg test kaise hota hai

HSG Test kaise hota hai, यह सवाल हर महिला के मन में होता है। यह process काफी सरल है और आमतौर पर 15-30 मिनट में पूरी हो जाती है।

Test की process:

  1. तैयारी: आपको एक विशेष टेबल पर लिटाया जाता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे normal checkup में होता है।
  2. स्पेकुलम डालना: Doctor एक speculum का इस्तेमाल करके आपकी cervix गर्भाशय ग्रीवा को साफ तरीके से देखते हैं।
  3. कैथेटर लगाना: एक पतली सी tube (कैथेटर) को आपकी cervix के माध्यम से गर्भाशय में डाला जाता है।
  4. डाई इंजेक्ट करना: इस कैथेटर (tube) के जरिए विशेष डाई को धीरे-धीरे गर्भाशय (uterus) में भेजा जाता है।
  5. एक्स-रे लेना: जैसे-जैसे डाई गर्भाशय (uterus) और फैलोपियन ट्यूब (fallopian tubes) में फैलती है, (x-ray) एक्स-रे मशीन से कई तस्वीरें ली जाती हैं।

पूरी प्रक्रिया के दौरान आप जागी रहती हैं और doctor आपको हर स्टेप के बारे में बताते रहते हैं।

एचएसजी टेस्ट में कितना दर्द होता है?

यह सबसे आम सवाल है HSG परीक्षण दर्दनाक है या नहीं? सच कहें तो हर महिला का अनुभव अलग होता है।

ज्यादातर महिलाओं को:

  • हल्की ऐंठन या (periods) पीरियड जैसा दर्द महसूस होता है।
  • जब डाई गर्भाशय में जाती है तो थोड़ा pressure या भारीपन लगता है।
  • कुछ सेकंड के लिए तेज दर्द हो सकता है, खासकर अगर tube में blockage हो।

दर्द को कम करने के लिए:

  • गहरी सांस लें और relax रहने की कोशिश करें।
  • अगर दर्द ज्यादा हो तो doctor को तुरंत बताएं।

याद रखें, यह दर्द अस्थायी होता है और test खत्म होते ही कम होने लगता है।

HSG Test के बाद सावधानियां

Test के बाद कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

पहले 24 घंटे:

  • हल्की (spotting) स्पॉटिंग या ब्लीडिंग हो सकती है, यह सामान्य है।
  • पेट में हल्की ऐंठन रह सकती है।
  • आराम करें और भारी काम न करें।

अगले कुछ दिन:

  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • अगर डॉक्टर ने कहा हो तो (antibiotic) एंटीबायोटिक दवा लें।
  • सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करें, टैम्पोन नहीं।

डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें अगर:

  • तेज बुखार आए। (101°F से ज्यादा)
  • भारी (Bleeding) रक्तस्राव हो।
  • असहनीय दर्द हो।
  • (Smelly vaginal discharge) बदबूदार डिस्चार्ज हो।

ज्यादातर महिलाएं अगले दिन से अपनी normal रूटीन पर लौट सकती हैं।

HSG परीक्षण की कीमत क्या है?

HSG test की कीमत भारत में इस बात पर निर्भर करती है कि आप यह टेस्ट किस शहर में करवा रही हैं, hospital या clinic की प्रतिष्ठा क्या है, और क्या यह किसी Expert IVF Center में हो रहा है।

सामान्यतः, इसकी लागत ₹3,000 से ₹8,000 के बीच हो सकती है। कुछ advanced centre में यह थोड़ी ज़्यादा भी हो सकती है। यह जानने के लिए कि आपके शहर में इसकी सटीक क़ीमत क्या है, आपको सीधे अपने शहर के best fertility clinic से संपर्क करना चाहिए।

HSG Test के फायदे

HSG Test सिर्फ़ blockage का पता लगाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके कुछ (unexpected) अप्रत्याशित फ़ायदे भी हैं:

  • सटीक निदान: यह fallopian tube blockage, Hydrosalpinx (ट्यूबों में तरल पदार्थ जमा होना) और (uterus) गर्भाशय की असामान्यताओं (जैसे fibroid) का सटीक निदान करता है।
  • उपचार का निर्धारण: यह test doctor को यह तय करने में मदद करता है कि आपके लिए आगे का सबसे अच्छा रास्ता क्या होगा जैसे कि लैप्रोस्कोपी, आईवीएफ (IVF), या आईयूआई (IUI)
  • कभी-कभी चिकित्सा (Therapeutic Effect): कुछ मामलों में, जब डाई को (tube) ट्यूबों में तेज़ी से डाला जाता है, तो यह रास्ते में मौजूद छोटे और हल्के blockage को खोल सकती है।

HSG Test आपको सिर्फ़ एक मेडिकल रिपोर्ट नहीं देता है, बल्कि यह आपके अगले कदम के लिए clarity देता है। एक बार जब आप जान जाती हैं कि समस्या tubes में है या कहीं और, तो आप चिंता करने के बजाय, समाधान की ओर बढ़ सकती हैं।

Pregnancy (गर्भधारण) का सफ़र एक marathon की तरह है। इसे पूरा करने के लिए patience, सही direction और सबसे बढ़कर, एक भरोसेमंद partner की ज़रूरत होती है।

अगर आप जयपुर या आसपास के क्षेत्र में हैं, तो आप Aastha IVF Fertility Care से संपर्क कर सकती हैं। यहाँ आपको Fertility expert Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology & IVF Specialist) की एक अनुभवी team मिलेगी, जो न सिर्फ़ आपके HSG Test के परिणामों को पूरी पारदर्शिता से समझेगी, बल्कि proper guidance के साथ आपके लिए सबसे best treatment भी सुझाएगी।

आप अकेली नहीं हैं, आपके सपनों को पूरा करने के लिए Aastha IVF Centre आपके साथ है। अधिक जानकारी के लिए https://aasthafertility.com/ पर visit कर सकते हैं।

FAQ: HSG Test in Hindi

HSG टेस्ट कितनी बार कराया जा सकता है?

आमतौर पर, hsg test एक बार ही किया जाता है। यदि results अस्पष्ट हैं या tubes को खोलने के लिए कोई प्रक्रिया हुई है, तो doctors कुछ मामलों में इसे दोहराने की सलाह दे सकते हैं, लेकिन यह सामान्य नहीं है।

HSG टेस्ट के लिए क्या भूखे रहना जरूरी है?

आमतौर पर, भूखे रहने की ज़रूरत नहीं होती है, लेकिन test से पहले हल्का नाश्ता करने की सलाह दी जाती है।

HSG ke कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए?

Doctors आमतौर पर संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए 24 से 48 घंटे तक संबंध न बनाने की सलाह देते हैं।

एचएसजी टेस्ट के बाद कितने दिनों के आराम की आवश्यकता होती है?

इस test के बाद तुरंत आराम की ज़रूरत नहीं होती है। आप उसी दिन अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ शुरू कर सकती हैं, बस तेज़ शारीरिक श्रम से बचें।

एचएसजी टेस्ट के बाद ब्लीडिंग क्यों होती है?

यह सामान्य है। यह bleeding, डाई के बाहर निकलने, ग्रीवा को छूने या गर्भाशय (uterus) में कैथेटर डालने के कारण होने वाली हल्की जलन या खरोंच के कारण होती है। इसे spotting कहते हैं, जो कुछ दिनों में ख़त्म हो जाती है।

Hsg परीक्षण के साइड इफेक्ट

यह एक safe प्रक्रिया है। हल्के side effects में शामिल हैं: पेट में ऐंठन, योनि से हल्का spotting, और चक्कर आना। कुछ मामलों में संक्रमण या डाई से एलर्जी हो सकती है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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Dr Namita Kotia
Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) is a highly experienced IVF and Infertility Specialist with over 15 years of expertise in Assisted Reproductive Technology (ART). She completed her post-graduation from S.N. Medical College, Jodhpur, affiliated with the University of Rajasthan. As the Director of Aastha Fertility Care, Jaipur, Dr. Kotia specializes in advanced fertility treatments such as IVF, IUI, ICSI, and fertility preservation. Her patient-centric approach, combined with clinical excellence, has helped hundreds of couples achieve their dream of parenthood. Dr. Namita Kotia is also active in reproductive health education and awareness initiatives.
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Dr Namita Kotia
Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) is a highly experienced IVF and Infertility Specialist with over 15 years of expertise in Assisted Reproductive Technology (ART). She completed her post-graduation from S.N. Medical College, Jodhpur, affiliated with the University of Rajasthan. As the Director of Aastha Fertility Care, Jaipur, Dr. Kotia specializes in advanced fertility treatments such as IVF, IUI, ICSI, and fertility preservation. Her patient-centric approach, combined with clinical excellence, has helped hundreds of couples achieve their dream of parenthood. Dr. Namita Kotia is also active in reproductive health education and awareness initiatives.

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