वेरीकोसील क्या है?: कारण, लक्षण और इलाज (What is Varicocele in Hindi?)

varicocele in hindi

क्या आप जानते हैं कि कई बार, पुरुष अपनी प्रजनन क्षमता (Male Fertility) को लेकर जिस अनजानी समस्या से जूझते हैं, वह आपके शरीर के अंदर एक दबी हुई नस की तरह मौजूद होती है? हम बात कर रहे हैं वेरीकोसील (Varicocele) की।What is Varicocele in Hindi? – यह एक ऐसी शारीरिक स्थिति है जो अक्सर चुपचाप आपकी सेहत को प्रभावित करती है, खासकर आपके पिता बनने के सपने पर भारी पड़ सकती है।

यदि आप Infertility (बांझपन) की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद ज़रूरी है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) की रिसर्च के अनुसार, Infertility से जूझ रहे लगभग 40% पुरुषों में वेरीकोसील पाया जाता है। यह आंकड़ा साफ बताता है कि वेरीकोसील पुरुषों में बांझपन का सबसे आम और इलाज संभव कारण है।

वरिकोसियल (Varicocele) एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडकोष (Testicles) के ऊपर की नसें सूज जाती हैं। ठीक वैसे ही जैसे पैरों में वेरिकोज वेन्स (Varicose Veins) होती हैं।

अगर आपके मन भी varicocele को लेकर बहुत से सवाल हैं जैसे What is Varicocele in Hindi? , वैरीकोसेल के लक्षण क्या होते हैं, वैरीकोसेल के कारण क्या हो सकते हैं और इसके treatments क्या क्या हैं, तो ये ब्लॉग आपके सारे सवालों का जवाब दे सकता है। आइये जानते हैं वैरीकोसेल को detail में।

वेरीकोसील का मतलब (Varicocele Meaning in Hindi)

वैरिकोसील (varicocele) दरअसल एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडकोष (testicles) को पकड़कर रखने वाली थैली (scrotum) के अंदर की नसें फूलने लगती हैं। ऐसा तब होता है जब इन नसों में मौजूद छोटे-छोटे वाल्व (valve) ठीक से काम नहीं करते। वाल्व ठीक न चलें तो रक्त नीचे जमा होने लगता है, और धीरे-धीरे वही नसें सूजकर दिखाई देने लगती हैं।

वैरिकोसील (varicocele) ज़्यादातर बाएँ अंडकोष में पाया जाता है। यह सीधे-सीधे शरीर को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुँचाता, लेकिन हाँ आपके sperm के उत्पादन और उनकी गुणवत्ता पर असर डाल सकता है। इसी वजह से कुछ पुरुषों में यह बांझपन की समस्या भी पैदा कर सकता है।

वेरीकोसील के लक्षण (Varicocele Symptoms in Hindi)

ज्यादातर मामलों में, वेरीकोसील (Varicocele) के कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, और यह अक्सर routine चेकअप के दौरान पता चलता है। लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए(Varicocele Symptoms in Hindi):

  • अंडकोष में दर्द या बेचैनी: आपको हल्का-सा दर्द, सुस्ती या सिर्फ भारीपन जैसा महसूस हो सकता है। यह दर्द ज्यादातर दिन के अंत तक या लंबे समय तक खड़े रहने पर बढ़ जाता है।
  • नसों का गुच्छा (Bag of Worms): जब आप लेटे होते हैं तो यह कम महसूस होता है, लेकिन खड़े होने पर अंडकोष के ऊपर सूजी हुई नसें “गुच्छे” जैसी लग सकती हैं। इसे अक्सर “कीड़ों का थैला” जैसा महसूस होना बताया जाता है।
  • अंडकोष के आकार में अंतर: कई बार प्रभावित अंडकोष दूसरा अंडकोष से थोड़ा छोटा दिखने लगता है।
  • गर्मी का एहसास: आपको उस क्षेत्र में हल्की-सी अतिरिक्त गर्मी महसूस हो सकती है, जो varicocele की वजह से बढ़े हुए तापमान का संकेत होता है।
  • लेटने पर आराम मिलना: दर्द या भारीपन आमतौर पर लेटने पर कम हो जाता है, क्योंकि इस position में रक्त का बहाव सामान्य होने लगता है।

वेरीकोसील के कारण (Varicocele Ke Karan)

आख़िर varicocele क्यों होता है? सच कहें तो वेरीकोसील का कोई एक स्पष्ट कारण नहीं है, लेकिन यह ज्यादा तर अंडकोष (testicles) की नसों में रक्त के बहाव की गड़बड़ी से जुड़ा होता है। आइये जानते हैं इसके कुछ संभावित कारण:

  1. वॉल्व की खराबी: अंडकोष (testicles) की नसों में छोटे-छोटे वाल्व होते हैं जो रक्त को सिर्फ एक दिशा यानी हृदय की ओर ले जाने में मदद करते हैं। जब ये वाल्व ढीले पड़ जाते हैं या ठीक से काम नहीं करते, तो रक्त उलटी दिशा में बहने लगता है। इससे खून नीचे जमा हो जाता है और नसें सूजने लगती हैं।
  2. नसों की बनावट (Vein Structure): कुछ लोगों में नसों की संरचना ऐसी होती है कि उनमें दबाव ज्यादा पड़ता है। खासकर बाईं तरफ की नस में, जिसके कारण varicocele ज़्यादातर बाएँ अंडकोष में ही पाया जाता है।
  3. ऊपरी नसों पर दबाव: बहुत कम मामलों में, पेट या पेल्विस में कोई गांठ, tumor या असामान्य दबाव ऊपरी नसों को प्रभावित कर सकता है। इससे नीचे की नसों में रक्त जमा होने लगता है और वेरीकोसील (Varicocele) बन सकता है।

वेरीकोसील के प्रकार (Types of Varicocele in Hindi)

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वेरीकोसील (Varicocele) को उनके आकार और गंभीरता के आधार पर ग्रेड (Grade) में बांटा जाता है, जिससे डॉक्टर को यह तय करने में मदद मिलती है कि आपको कैसे इलाज की ज़रूरत है:

  • ग्रेड 1 (Small varicocele): नसें सूजी होती हैं लेकिन केवल खड़े होकर परीक्षण से ही पता चलती हैं।
  • ग्रेड 2 (Medium varicocele): नसें स्पर्श करने पर महसूस होती हैं और असुविधा होती है।
  • ग्रेड 3 (Large varicocele): बड़ी और स्पष्ट रूप से दिखने वाली नसें, इस स्थिति में दर्द और सूजन ज़्यादा होती है, और तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

वेरीकोसील का इलाज (Varicocele Treatment in Hindi)

अगर आपका वेरीकोसील (Varicocele) छोटा है, दर्द नहीं है और आपकी प्रजनन क्षमता भी बिल्कुल ठीक है, तो ज़्यादातर डॉक्टर किसी इलाज की ज़रूरत नहीं मानते। बस समय-समय पर जांच कराते रहना काफी होता है। लेकिन अगर दर्द बढ़ रहा है, असहजता है, या फिर fertility को लेकर दिक्कत आ रही है तो इलाज जरूरी हो जाता है।


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आइये जानते हैं इलाज के संभावित तरीके:

  • दर्द निवारक दवाएं: हल्का दर्द हो तो डॉक्टर painkillers लेने की सलाह दे सकते हैं। यह सिर्फ आराम देती है लेकिन बीमारी को खत्म नहीं करती।
  • सर्जरी (Varicocelectomy): यह सबसे ज़्यादा किया जाने वाला इलाज है। इसमें डॉक्टर उस नस को बंद कर देते हैं जो समस्या पैदा कर रही होती है, ताकि रक्त सही नसों से गुजर सके। अच्छी बात? इससे sperm quality में काफी सुधार देखा जाता है।
  • पर्क्यूटेनियस एम्बोलाइजेशन (Percutaneous Embolization): यह surgery जैसा बड़ा procedure नहीं है। एक पतली tube नस में डालकर अंदर छोटा coil या plug लगा दिया जाता है, जिससे वह नस बंद हो जाती है और समस्या रुक जाती है।
  • जीवनशैली में बदलाव: हल्के मामलों में डॉक्टर आपको ढीले कपड़े पहनने, बहुत ज्यादा गर्मी से बचने और लंबे समय तक खड़े रहने से परहेज़ करने की सलाह दे सकते हैं।

वेरीकोसील और बांझपन (Varicocele aur Infertility)

वेरिकोसील का सीधा संबंध प्रजनन क्षमता से है। Dr. Namita Kotia, MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology & IVF Specialist का कहना है की वेरीकोसील sperm को प्रभावित करता है।  

जब नसों में खून जमा होने लगता है, तो उस क्षेत्र का तापमान बढ़ जाता है। अंडकोष (testicles) को sperm बनाने के लिए normal body temperature से थोड़ा कम तापमान चाहिए होता है। यदि यह स्थिति गंभीर होती है तो यह स्पर्म की संख्या और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। 

तापमान बढ़ते ही sperm पर असर पड़ने लगता है, जैसे :

  • शुक्राणु की संख्या (Sperm Count) कम कर देता है।
  • शुक्राणु की गतिशीलता (Motility) कम कर देता है।
  • शुक्राणु की बनावट (Morphology) खराब कर देता है।

अगर आपको वेरीकोसील है और आप संतान की योजना बना रहे हैं, तो best fertility expert  (प्रजनन विशेषज्ञ) से ज़रूर संपर्क करें। अगर आप सही समय पर इलाज करवाते हैं तो sperm quality में सुधार की संभावना काफी बढ़ जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

वेरीकोसील (Varicocele ) की समस्या बेशक चिंताजनक हो सकती है, खासकर जब बात पिता बनने की हो। ये सच है कि वेरीकोसील sperm की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका इलाज बिल्कुल संभव है।

सही समय पर सही guidance आपकी पूरी स्थिति बदल सकती है। यानी यह समस्या जितनी बड़ी लगती है, उतना मुश्किल इसका समाधान नहीं है बस आपको सही दिशा चाहिए।

यही दिशा आपको मिलती है Aastha IVF & Fertility Centre में, जहाँ आपकी हर चिंता, हर सवाल और हर उम्मीद को गंभीरता से सुना जाता है। हम patients की infertility से जुड़ी हर समस्या का पूरा ध्यान रखते हैं, और हम पूरी कोशिस करते हैं आपकी parenthood journey को आसान बनाने का।

FAQ: Varicocele in Hindi

क्या वेरीकोसील का इलाज बिना सर्जरी के संभव है?

हां, हल्के मामलों में जीवनशैली सुधार और दवाओं से इलाज संभव है, लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी जरूरी हो सकती है।

क्या वेरीकोसील दोबारा हो सकता है?

हां, कभी-कभी सर्जरी के बाद वैरीकोसील दोबारा हो सकता है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है।

वेरीकोसील से प्रजनन क्षमता पर क्या असर पड़ता है?

यह शुक्राणु की संख्या और गुणवत्ता दोनों को घटा सकता है, जिससे बांझपन हो सकता है।

वेरीकोसील की सर्जरी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?

सामान्यतः 1-2 सप्ताह में सूजन कम हो जाती है और 4-6 सप्ताह में पूरी तरह रिकवर हो जाते हैं।

Picture of Dr Namita Kotia
Dr Namita Kotia
Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) is a highly experienced IVF and Infertility Specialist with over 15 years of expertise in Assisted Reproductive Technology (ART). She completed her post-graduation from S.N. Medical College, Jodhpur, affiliated with the University of Rajasthan. As the Director of Aastha Fertility Care, Jaipur, Dr. Kotia specializes in advanced fertility treatments such as IVF, IUI, ICSI, and fertility preservation. Her patient-centric approach, combined with clinical excellence, has helped hundreds of couples achieve their dream of parenthood. Dr. Namita Kotia is also active in reproductive health education and awareness initiatives.
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Dr Namita Kotia
Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) is a highly experienced IVF and Infertility Specialist with over 15 years of expertise in Assisted Reproductive Technology (ART). She completed her post-graduation from S.N. Medical College, Jodhpur, affiliated with the University of Rajasthan. As the Director of Aastha Fertility Care, Jaipur, Dr. Kotia specializes in advanced fertility treatments such as IVF, IUI, ICSI, and fertility preservation. Her patient-centric approach, combined with clinical excellence, has helped hundreds of couples achieve their dream of parenthood. Dr. Namita Kotia is also active in reproductive health education and awareness initiatives.

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