Pregnancy वो अवस्था है जिसमे वो सभी खुशियाँ समाई होती हैं, जिनका हर couple और परिवार बेसब्री से इंतजार करता है। लेकिन ये आवश्यक नहीं कि pregnancy हमेशा खुशियों से भरी हो, कभी कभी कुछ मामलों में ये काफी complicated भी हो सकती है।
प्रेगनेंसी के साथ कई ऐसी संभावनाएं होती हैं जिन्हें अगर समय रहते पहचाना न जाए, तो ये होने वाली माँ के जीवन को खतरे में डाल सकती हैं।
एक ऐसी ही complicated situation है Ectopic Pregnancy।
Ectopic Pregnancy एक ऐसी अवस्था है जिसमें fertilized egg uterus के बजाय fallopian tube या शरीर के किसी और हिस्से में implant हो जाता है और वहीँ grow करने लगता है।
Wikipedia की एक research के अनुसार, लगभग 10% cases में ectopic pregnancy के लक्षण दिखाई ही नहीं देते। यही कारण है कि इस स्थिति को समय रहते पहचानना और उपचार शुरू करना बहुत ज़रूरी है।
अगर आप pregnant हैं या pregnancy का प्लान कर रहे हैं, तो Ectopic Pregnancy के बारे में जानकारी रखना बेहद ज़रूरी है ताकि किसी भी संभावित complication से बच सके।
आज के इस blog में Aastha Fertility की expert Dr. Namita आपको Ectopic Pregnancy के बारे में विस्तार से जानकारी देंगी कि Ectopic Pregnancy क्या है (What is Ectopic Pregnancy in Hindi) और Ectopic Pregnancy के क्या लक्षण होते हैं।
जिससे आप अपनी pregnancy को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकें और ये पता लगा सकें कि कहीं आपको ectopic pregnancy तो नहीं।
Ectopic Pregnancy Kya Hoti Hai- Ectopic Pregnancy Meaning In Hindi

साधारण प्रेगनेंसी में, अंडाणु (egg) और शुक्राण (sperm) मिलकर फर्टिलाइज होते हैं और फिर fallopian tube से होते हुए uterus में इम्प्लांट होकर grow करते हैं।
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लेकिन Ectopic Pregnancy के case में अंडाणु और शुक्राणु मिलकर फर्टिलाइज तो हो जाते हैं मगर यह uterus में जाने की बजाय fallopian tube में ही चिपक जाते हैं।
इस स्थिति में embryo implant तो होता है और grow भी करता है, लेकिन सही जगह न होने के कारण वह विकसित नहीं हो पाता और ऐसे में tube के burst होने के chances बढ़ जाते हैं।
अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
Ectopic Pregnancy Ke Lakshan In Hindi
जब भी शरीर में कोई medical condititon होती है या समस्या होती है, तो शरीर हमे कुछ indications देने लगता है। अगर हम समय रहते ध्यान दें, तो उससे होने वाली बड़ी परेशानियों से बचा सक सकता हैं।
ठीक उसी तरह, Ectopic Pregnancy के दौरान भी कुछ ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें पहचानकर हम इससे जुड़ी गंभीर स्थितियों से बच सकते हैं।
तो आइए जानते हैं, Ectopic Pregnancy के लक्षण क्या हैं।

1. पेट के निचले हिस्से में, एक तरफ़ा दर्द या पीठ के निचले हिस्से में अचानक तेज दर्द
अगर महिला को पेट के एक साइड या पीठ के lower part में लगातार दर्द बना हुआ है, तो यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी का एक अहम लक्षण हो सकता है।
शुरुआत के दिनों में यह दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे pregnancy बढ़ती है, दर्द तेज़ और असहनीय हो सकता है। ऐसे में बिना किसी इंतजार के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद ज़रूरी हैं।
2. असामान्य ब्लीडिंग या रक्तस्राव
जब प्रेगनेंसी फैलोपियन ट्यूब में grow करने लगती है, तो वह tube की दीवार को damage करना शुरू कर देती है। इसके साथ ही प्रेगनेंसी hormones भी असंतुलित हो जाते हैं, जिसके कारण अचानक या असमय ब्लीडिंग शुरू हो सकती हैं।
3. कमजोरी और चक्कर आना
Ectopic pregnancy के कई मामलों में अंदरूनी रक्तस्राव (internal bleeding) होने लगती है जिसके कारण शरीर में खून की मात्रा घटने लगती है, जिससे महिला को अचानक चक्कर आने लगते हैं या फिर वह अत्यधिक कमजोरी महसूस कर सकती है।
4. पेशाब या मल त्याग में परेशानी
Ectopic Pregnancy अक्सर pelvic organs के पास ही विकसित होती है, जिससे आसपास के अंगों पर दबाव पड़ने लगता हैं।
इसके कारण बार-बार पेशाब आना या मल त्यागने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर pregnancy के दौरान ऐसे कोई भी लक्षण दिखें, तो यह Ectopic Pregnancy का संकेत हो सकता हैं।
5. कंधे में दर्द
Ectopic Pregnancy का यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण लक्षण है। आप सोच रहे होंगे कि कंधे में दर्द का pregnancy से क्या संबंध?
दरअसल, जब Ectopic Pregnancy फॉलोपियन ट्यूब में burst जाती है, तो ब्लड पेट के अंदर जमा होने लगता है।
यह blood डायफ्राम को प्रभावित करता है, जिससे कंधे या गर्दन के हिस्से में असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।
अगर आपको pregnancy की अवस्था में ऐसा दर्द अचानक और लगातार हो, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है, और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद ज़रूरी है।
Ectopic Pregnancy Ka Karan
Ectopic pregnancy के कारण हर महिला में अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ ऐसे कारण होते हैं जो सबसे ज्यादा देखे जाते हैं। तो आइए जानते हैं, कौन से वे कारण हैं जिनकी वजह से ectopic pregnancy होने के chance सबसे ज्यादा होते हैं।
- अगर fallopian tube में सूजन, infection या सिकुड़न हो, तो fertilized egg (निषेचित अंडाणु) uterus तक नहीं पहुँच पाता। वो वही चिपक जाता है, जिससे ectopic pregnancy हो सकती हैं।
- Hormonal imbalance के कारण भी ectopic pregnancy होने की संभावना रहती है। अगर hormones में असंतुलन होता है, तो eggs की गति धीमी हो जाती है, जिससे वे सही समय पर uterus तक नहीं पहुँच पाते और fallopian tube में implant हो जाते हैं, जिससे ectopic pregnancy हो सकती हैं।
- अगर किसी महिला की पहले fallopian tube की सर्जरी हुई है, तो इसके कारण कुछ बदलाव होते हैं, जैसे कि छोटे-छोटे घाव या scars (दाग) बन सकते हैं। इन scars की वजह से egg का सही तरीके से uterus (गर्भाशय) तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। जिससे ectopic pregnancy का खतरा बढ़ जाता हैं।
- Ectopic pregnancy के कारणों में एक कारण आनुवंशिक (genetic) भी हो सकता है। अगर किसी महिला के परिवार में ectopic pregnancy की history रही है, तो उस परिवार की अन्य महिलाओं को भी इसका खतरा हो सकता है।
- इसके अलावा, अगर किसी महिला को पहले भी ectopic pregnancy हो चुकी है, तो फिर से इस समस्या के होने के chances भी काफी high होते हैं।
- इसके अलावा, गर्भनिरोधक उपायों, smoking और fallopian tube में किसी समस्या के कारण भी ectopic pregnancy होने की संभावना बढ़ जाती है।
Ectopic Pregnancy Ke Treatment
Ectopic pregnancy कोई normal medical condition नहीं है तथा कई बार यह महिला की जान के लिए खतरा भी बन सकती है।
National Library of Medicine की एक research के मुताबिक, कई महिलाओं को Ectopic Pregnancy की वजह से early stage में ही अपनी जान गंवानी पड़ी है।
ऐसे में Ectopic pregnancy के बारे में awareness होना बहुत ज़रूरी है साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि इसके क्या-क्या treatment options होते हैं।
Ectopic pregnancy का treatment इस बात पर भी depend करता है कि महिला की condition कैसी है।
अगर pregnancy के शुरुआती दिनों में ही diagnose हो जाए कि ये ectopic pregnancy है, तो medicine की मदद से egg की growth को रोक दिया जाता है और pregnancy naturally dissolve हो जाती है।
लेकिन अगर case थोड़ा complicated हो जाता है या bleeding शुरू हो जाती है, तो फिर surgical treatment ज़रूरी हो जाता है। इसमें सबसे common procedure है Salpingectomy, जिसमें fallopian tube को हटाया जाता है।
अगर tube brust हो जाती है, तो emergency में open surgery की ज़रूरत पड़ सकती है ताकि internal bleeding को रोका जा सके और महिला की जान बचाई जा सके।

Conclusion
Ectopic Pregnancy एक बहुत ही sensitive condition है, और आज भी बहुत कम couples को इसके बारे में सही जानकारी है।
इस blog के द्वारा आप ये जान चुके हैं कि Ectopic Pregnancy क्या होती है (What is Ectopic Pregnancy in Hindi), इसके क्या लक्षण होते हैं, और कौन-कौन से treatments हो सकते हैं जिससे आप भविष्य में होने वाली ऐसी संभावनाओं को समय रहते पहचानकर संभावित खतरों से बच सकें।
अगर आप भी Ectopic Pregnancy का अनुभव कर चुकी हैं और अब दोबारा baby plan कर रही हैं तो fertility specialists से consult करना बेहद ज़रूरी है।
Aastha Fertility इस journey में आपका trusted partner बन सकता है।
आपके मन में Ectopic Pregnancy से जुड़ा कोई भी सवाल है, तो आज ही हमारे expert से बात करें और अपने parenthood journey को safe और secure बनाएं।




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