जानिए भारत में आईवीएफ में बच्चा लड़का होने की संभावना क्या है ?

IVF me baccha ladka hone ki sambhavna

भारत में आईवीएफ में बच्चा लड़का होने की सम्भावना क्या है ऐसा सवाल कुछ लोगों के मन में रहता है | तो  इस सवाल का जवाब हम एक लाइन में दे देते है की भारत में IVF में लड़का होने की सम्भावना 50%-55% होती है | यह वैसे ही सामान्य है जैसे की प्राकृतिक रूप से बच्चा होने में लड़का या लड़की होने की सम्भावना होती है |

कुछ लोगों के ये भी सवाल होते है की क्या IVF के द्वारा लिंग निर्धारण संभव है | ये कुछ ऐसे सवाल है जो  लोगों के मन में रहते है और इनसे जुडी कुछ गलत अफवाहे भी रहती है जिसके कारन IVF करवाने वाले दम्पति को परेशानी हो सकती है तो आइये जानते है इसके बारे में विस्तार से –  

IVF में  यह जानना संभव है की लड़का होगा या लड़की ?

आपको बता दें की ऐसी  कोई भी IVF या अन्य फर्टिलिटी तकनीक नहीं है, जिसके द्वारा यह पता लगाया जा सके की IVF में होने वाली संतान लड़का है या लड़की |

IVF में केवल फर्टिलाइजेशन के लिए महिला के अंडाणु को पुरुष के शुक्राणु से लैब के अंदर निषेचित करवाया जाता है और उसके बाद एम्र्बियो को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है | 

क्या IVF से लड़का होने की संभावना बढ़ जाती है?

नहीं, IVF अपने आप लड़का होने की संभावना नहीं बढ़ाता। सामान्य गर्भधारण की तरह IVF में भी लड़का या लड़की होने की संभावना लगभग समान मानी जाती है। बच्चे का लिंग मुख्य रूप से sperm के X या Y chromosome पर निर्भर करता है। भारत में केवल लड़का या लड़की चुनने के उद्देश्य से gender selection करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए IVF का मुख्य उद्देश्य गर्भधारण में मदद करना है, न कि बच्चे का लिंग तय करना। सही जानकारी और मार्गदर्शन के लिए हमेशा fertility specialist से सलाह लें।

IVF में लिंग का निर्धारण किस तरह से होता है ?

 एक महिला के  अंडाणु में 23 x क्रोमोसोम होते है और इसी तरह पुरुष के शुक्राणु में भी 23 X और Y  क्रोमोसोम होते है | जब पुरुष का 23 X क्रोमोसोम शुक्राणु महिला के 23 X क्रोमोसोम को निषेचित करता है तो संतान लड़की होती है और जब पुरुष के 23 Y क्रोमोसोम वाला शुक्राणु  महिला के 23 X अंडे को निषेचित करता है तो लड़का पैदा होता है |

इस तरह आप जान गए होंगे की बच्चा लड़का पैदा होगा या लड़की पैदा होगी इसमें महिला के अंडे का रोल नहीं होता है इसमें पुरुष के X या Y शुक्राणु से ही इसका निर्धारण होता है | 

IVF प्रक्रिया में महिला से अंडे को प्राप्त करके और पुरुष से शुक्राणु को प्राप्त करके उन्हें लैब में निषेचित किया जाता है | जो स्पर्म और अंडे प्राप्त किये जाते है वह बहुत ही सूक्ष्म होते है और IVF तकनीक से उनके क्रोमोसोम से चेक नहीं किया जा सकता है | 

जब अंडा शुक्राणु से निषेचित कर लिया जाता है तो वह भ्रूण भी बहुत सूक्ष्म होता है | माइक्रोस्कोप से भी केवल भ्रूण के ऊपरी सतह और उनकी सेल्स की क्वालिटी कैसी है इसका तो पता लगाया जा सकता है लेकिन उनका लिंग क्या होगा यह पता नहीं लगाया जा सकता है |

 इसलिए IVF में लड़का होगा या लड़की होगी यह जानना वैज्ञानिक दृष्टि से बिलकुल भी संभव नहीं होता है |


Life Changing Experiences with Aastha Fertility - From Doubt to Success


IVF में लिंग निर्धारण पर कानून क्या कहता है ?

जैसा की हमने आपको बताया की IVF की तकनीक में बच्चा लड़का होगा या लड़की इसका पता लगाना संभव नहीं है | वही दूसरी और भारत में बच्चे के जन्म से पहले बच्चे का लिंग जानना कानूनन रूप से भी गैर क़ानूनी है और अगर कोई ऐसा करता है तो उनको जुर्माने के साथ ही कैद का प्रावधान भी किया  गया है |

भारत में PC – PNDT ACT 1994  के अनुसार यदि कोई क्लिनिक या कोई व्यक्ति जो किसी भी तरह बच्चे के कंसीव होने या गर्भावस्था के समय किसी भी तरह बच्चे के लिंग निर्धारण करता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है | इसलिए भूलकर भी कभी बच्चे के लिंग के बारे में जानने का अपराध ना करें | 

निष्कर्ष 

इस लेख में आपने जाना की IVF में बच्चा लड़का होने की सम्भावना क्या होती है साथ ही हमने यह भी जाना की लिंग का निर्धारण कैसे होता है और IVF तकनीक से बच्चे के लिंग के बारे में नहीं जाना जा सकता है |

यदि आप IVF से सबंधित और जानकारी पाना चाहते है तो आस्था फर्टिलिटी में हमारे IVF विशेषज्ञ डॉक्टर से जानकारी पा सकते है | यहाँ पर आपको  उचित सलाह के साथ ही बेहतर  ट्रीटमेंट प्रदान किया जाता है |  यहाँ पर आपके उपचार के लिए एक अच्छा माहौल मिलता है |

FAQs

IVF से लड़का होने की कितनी संभावना होती है?

IVF में लड़का होने की संभावना सामान्य गर्भधारण जैसी ही होती है। IVF खुद से लड़का होने के मौके नहीं बढ़ाता। बच्चे का लिंग sperm के X और Y chromosome पर निर्भर करता है।

क्या IVF से बच्चे का gender चुन सकते हैं?

भारत में IVF के जरिए सिर्फ लड़का या लड़की चुनना कानूनन नहीं है। IVF का मकसद infertility का इलाज करना और pregnancy में मदद करना है, न कि बच्चे का लिंग चुनना।

भारत में gender selection legal है?

नहीं। भारत में PCPNDT Act के तहत gender selection और जन्म से पहले बच्चे का लिंग पता करना या चुनना अवैध है।

क्या PGT से बच्चे का gender पता चलता है?

PGT (Preimplantation Genetic Testing) कुछ genetic disorders की जांच के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसका उपयोग भारत में gender selection के लिए नहीं किया जा सकता। क्या लड़का होने के घरेलू उपाय सच हैं?

क्या लड़का होने के घरेलू उपाय सच हैं?

नहीं। खानपान, विशेष position, या घरेलू नुस्खों से लड़का होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ये सिर्फ मिथक हैं।

क्या IVF में लड़का होने की guarantee होती है?

नहीं। IVF में लड़का होने की कोई गारंटी नहीं होती। IVF का मकसद स्वस्थ pregnancy प्राप्त करने में मदद करना है, न कि बच्चे का लिंग तय करना।

Picture of Dr Namita Kotia
Dr Namita Kotia
Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) is a highly experienced IVF and Infertility Specialist with over 15 years of expertise in Assisted Reproductive Technology (ART). She completed her post-graduation from S.N. Medical College, Jodhpur, affiliated with the University of Rajasthan. As the Director of Aastha Fertility Care, Jaipur, Dr. Kotia specializes in advanced fertility treatments such as IVF, IUI, ICSI, and fertility preservation. Her patient-centric approach, combined with clinical excellence, has helped hundreds of couples achieve their dream of parenthood. Dr. Namita Kotia is also active in reproductive health education and awareness initiatives.
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Dr Namita Kotia
Dr. Namita Kotia (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) is a highly experienced IVF and Infertility Specialist with over 15 years of expertise in Assisted Reproductive Technology (ART). She completed her post-graduation from S.N. Medical College, Jodhpur, affiliated with the University of Rajasthan. As the Director of Aastha Fertility Care, Jaipur, Dr. Kotia specializes in advanced fertility treatments such as IVF, IUI, ICSI, and fertility preservation. Her patient-centric approach, combined with clinical excellence, has helped hundreds of couples achieve their dream of parenthood. Dr. Namita Kotia is also active in reproductive health education and awareness initiatives.

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