माँ बनने का एहसास हर महिला के लिए सबसे खूबसूरत अनुभव होता है। जब उसकी नन्ही सी जान उसकी गोद में मुस्कुराती है, तो लगता है जैसे पूरी दुनिया की खुशियाँ उसी पल में सिमट गई हों लेकिन यदि किसी कारणवश गर्भपात हो जाता है… तो वही सपना टूटकर बिखर जाता है ।
इस दर्द को सिर्फ महिला ही नहीं, बल्कि उनका partner भी उतना ही महसूस करता है।
इस नाज़ुक समय में जितना ज़रूरी एक-दूसरे का भावनात्मक सहारा होता है, उतनी ही जरूरी शारीरिक अपनापन महसूस करने की भी होती है।
लेकिन गर्भपात के बाद, couples के मन में अक्सर ये उलझन रहती है—कि आखिर गर्भपात के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए?
आज के इस blog में हम Dr. Namita (IVF specialist in Jaipur) के मार्गदर्शन में जानेंगे कि गर्भपात के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए?
साथ ही समझेंगे कि जल्दबाज़ी में संबंध बनाने से किन स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
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गर्भपात के बाद महिला का शरीर बेहद संवेदनशील और कमजोर होता है। यह केवल शारीरिक थकावट नहीं होती, बल्कि मानसिक रूप से भी महिला काफी आहत होती है।
इस समय अगर कुछ ही दिनों में संबंध बनाए जाते हैं, तो संक्रमण (इन्फेक्शन) का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, इस समय संबंध बनाने से heavy bleeding, uterus में सूजन और अनचाही pregnancy का भी खतरा बना रहता है।
इसलिए डॉक्टरों की सलाह यही होती है कि गर्भपात के कम से कम 2 से 3 हफ्ते बाद तक शारीरिक संबंध ना बनाएं। शरीर को पूरी तरह से ठीक होने दें ताकि भावनात्मक और शारीरिक दोनों रूप से आप स्वस्थ हो सकें।
Life Changing Experiences with Aastha Fertility - From Doubt to Success
संक्रमण का खतरा
जिस तरह किसी भी medical condition के दौरान डॉक्टर हमें कुछ चीज़ों से परहेज़ करने की सलाह देते हैं, उसी तरह गर्भपात के बाद भी कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी होता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी body उस समय पूरी तरह से normal condition में नहीं होती और उसे recover होने के लिए समय चाहिए होता है।
गर्भपात के बाद महिला का शरीर बेहद कमज़ोर हो जाता है, और उसका गर्भाशय (uterus) पूरी तरह से heal नहीं हुआ होता।
इस समय गर्भाशय का मुंह खुला होता है, जिससे शारीरिक संबंध बनाने पर महिला और उसके पार्टनर, दोनों को यूरीन (urine infection ) इंफेक्शन या यूट्राइन इंफेक्शन (uterine infection) का खतरा रहता है।
इसके अलावा Pelvic Inflammatory Disease (PID) होने की भी आशंका रहती है, जो भविष्य में pregnancy में रुकावट डाल सकती है।
हालांकि अगर दोनों partner emotionally और physically सहज महसूस करते हैं, तो संबंध बनाना गलत नहीं है।
हालांकि डॉक्टर्स यही सलाह देते हैं कि गर्भपात के कम से कम 2–3 हफ्तों बाद ही physical intimicy शुरू करें परन्तु यदि आप सम्बन्ध बनाना चाहते हैं तो सावधानी के लिए contraceptive का इस्तेमाल करना न भूलें।
शरीर को ठीक होने का समय
गर्भपात सिर्फ एक शारीरिक अनुभव नहीं होता, यह एक couple के लिए बेहद नाज़ुक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण समय होता है।
इसका असर जितना महिला के शरीर पर होता है, उससे कहीं ज़्यादा उसके मन पर होता है। गर्भपात के बाद महिला के गर्भाशय (uterus) को फिर से अपनी सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगता है।
साथ ही, hormonal imbalance और heavy bleeding के कारण शरीर बहुत कमज़ोर हो जाता है। चूँकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए recovery का समय भी अलग-अलग हो सकता है।
आमतौर पर शरीर को पूरी तरह से ठीक होने में 1 से 2 महीने का समय लग सकता है। हालांकि, ये समय पूरी तरह महिला की देखभाल और उसके partner के support पर निर्भर करता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिसर्च के अनुसार, मिसकैरेज के दो हफ्ते बाद लगभग 34% महिलाओ में डिप्रेशन के लक्षण देखे गये है।
तो ऐसे में गर्भपात के बाद अगर महिला पौष्टिक आहार ले, पूरा आराम करे और फिजिकल एक्टिविटी से थोड़ी दूरी बनाए रखे, तो रिकवरी जल्दी और बेहतर होती है।
गर्भपात के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए
अब आता है एक common सवाल जो कि male partner और female partner दोनों के ही मन में होता है कि गर्भपात के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए?
संबंध बनाने का निर्णय दोनों partner की आपसी समझ पर निर्भर करता है, क्योंकि यह एक बहुत ही निजी विषय होता है।
लेकिन जब बात महिला के गर्भपात से जुड़ी होती है, तो ऐसे में थोड़ी सावधानी बरतना बहुत ज़रूरी हो जाता है ताकि भविष्य में pregnancy से जुड़ी किसी भी problem से बचा जा सके।
गर्भपात के बाद डॉक्टरों की सलाह यही होती है कि couples को कम से कम 2 से 4 हफ्तों तक शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। क्योंकि यह वह समय होता है जब महिला शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कमज़ोर होती है और उनके शरीर को recovery की जरुरत होती है।
लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर इतने दिनों का गैप रखना ज़रूरी क्यों है?
तो इसका जवाब है, गर्भपात के दौरान महिला का blood loss होता है और कई बार 7 से 10 दिनों तक bleeding जारी रहती है। ऐसे में यदि इस दौरान संबंध बनाए जाते हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कई couples भावनात्मक जुड़ाव के चलते कुछ ही दिनों बाद शारीरिक संबंध बना लेते हैं, लेकिन इससे future में न केवल संक्रमण(infection) की संभावना होती है, बल्कि अगली pregnancy को लेकर भी complications आ सकती हैं।
इतने समय का गैप रखने के पीछे एक कारण ये भी है कि गर्भपात के बाद भी महिला दोबारा pregnant हो सकती है, और अगर शरीर पूरी तरह से तैयार नहीं है, तो यह नई गर्भावस्था भी खतरे में पड़ सकती है।
Doctor’s Advice
प्रकृति ने महिला को माँ बनने की शक्ति तो दी है, लेकिन यह यात्रा उसके लिए आसान नहीं होती। गर्भधारण के बाद से ही महिला को अपने शरीर और मानसिक स्थिति का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। और जब किसी कारणवश गर्भपात हो जाता है, तो यह अनुभव उसे शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर कर सकता है।
ऐसे समय में अगर partner का emotional और physical support मिले, तो महिला जल्दी normal होने लगती है।
हालांकि, गर्भपात के बाद शरीर को पूरी तरह से ठीक होने में समय लगता है और हर महिला की recovery speed अलग होती है। कई महिलाएँ 1-4 हफ्तों में ठीक हो जाती है, तो किसी को 1-2 महीने या उससे भी ज़्यादा समय लग सकता है, और ये बिल्कुल सामान्य है।
Aastha Fertility Care की expert डॉ. नमिता के अनुसार, अगर महिला को अधिक bleeding हो रही है, पेट में लगातार दर्द है, बुखार या किसी भी तरह का संक्रमण महसूस हो रहा है तो ऐसे में physical relationship से पहले पूरी तरह स्वस्थ होना ज़रूरी है।
साथ ही, जब तक अगली पीरियड साइकिल नियमित न हो जाए और शरीर अंदर से पूरी तरह से heal न हो जाए, तब तक physical intimacy से दूरी बनाना ही बेहतर होता है। याद रखें, एक मजबूत रिश्ते की शुरुआत तभी होती है जब दोनों partner एक-दूसरे की भावनाओं और शारीरिक ज़रूरतों को समझें और उनका सम्मान करें।
Conclusion
गर्भपात एक महिला के लिए बेहद नाजुक और भावनात्मक समय होता है। ऐसे में उसकी recovery में सबसे ज़रूरी चीज़ होती है उसके partner का support।
लेकिन इस नाज़ुक समय में अगर जल्दबाज़ी में कोई निर्णय लिया जाए, तो वह भविष्य में कई समस्याओं को जन्म दे सकता है।
इस blog में हमने विस्तार से जाना कि गर्भपात के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए और उन सभी महत्वपूर्ण बातों को cover किया है जिनको लेकर couples अक्सर confusion में रहते हैं।
लेकिन फिर भी आप किसी तरह की fertility समस्या का सामना कर रहे हैं या miscarriage के बाद pregnancy plan कर रहे हैं तो experts से सलाह जरुर लें।
Aastha Fertility Care आपकी इस जर्नी में आपका साथ देने के लिए हमेशा तैयार है।




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