महिलाओं और पुरुषों में बांझपन के लक्षण और कारन क्या है ?

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महिलाओं और पुरुषों में बांझपन के लक्षण और कारन क्या है ?

महिलाओं और पुरुषों में बांझपन के लक्षण और कारन क्या है ?


Fact Checked

बदलती जीवनशैली और खानपान के प्रभाव के कारन महिलाओं और पुरुषों में बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ी है | इसके अलावा और भी कई कारण होते है जिनकी वजह से महिला माँ नहीं बन पाती है | बाँझपन की समस्या महिला और पुरुष दोनों में हो सकती है | शरीर में कोई भी समस्या होने पर उसके प्रभाव  हमारे शरीर पर दिखने लगते है इसी तरह बाँझपन की समस्या होने पर शरीर में कुछ हार्मोनल परिवर्तन होते है जिसके लक्षण हमें हमारे शरीर पर दिखाई देने लगते है | इन लक्षणों पर सही समय पर ध्यान दे दिया जाये और सही समय पर जरुरी उपचार किया जाये तो बाँझपन की समस्या को दूर किया जा सकता है | तो आज के इस लेख में हम जानेंगे की बाँझपन क्या है और बाँझपन के लक्षण और कारण के बारे में – 

बाँझपन क्या है ?

जब कोई जोड़ा बिना गर्भनिरोधक का इस्तेमाल किये 1 वर्ष से अधिक समय से गर्भधारण के लिए प्रयास कर रहे है, लेकिन गर्भधारण में सफलता नहीं मिल रही है तो यह बाँझपन कहलाता है | 

महिलाओं में बांझपन के लक्षण ?

  • यदि मासिक धर्म अनियमित होने लगे यानि की कभी जल्दी या  कभी बहुत देर से | 
  • मासिक धर्म असामान्य हो ( बहुत अधिक स्त्राव या बिलकुल कम रक्तस्त्राव )
  • पीरियड के दौरान अधिक दर्द हो और ऐठन हो |  
  • शरीर का वजन अचानक से बढ़ने लगे | 
  • यदि सेक्स के दौरान अधिक दर्द होने लगे | 
  • त्वचा सबंधी समस्या होना जैसे मुँहासे, एलर्जी | 
  • थोड़ी सी शारीरिक मेहनत पर अधिक थकान होना | 
  • यदि बाल तेजी से झड़ने लगे  

पुरुषों में बाँझपन के लक्षण ?

  • वीर्य में शुक्रणुओं कमी होना 
  • सेक्स करने की इच्छा का ना होना 
  • यौन क्रिया के दौरान वीर्य का बहुत कम मात्रा में निकलना 
  • स्तम्भन दोष होना 
  • अंडकोष में दर्द और सूजन का होना, 
  • चेहरे और शरीर पर बालों का कम हो जाना 
  • सूंघने की क्षमता कम हो जाना | 

महिलाओं में बाँझपन के कारन 

अंडाशय में विकार – 

किसी भी महिला में बाँझपन का सबसे बड़ा कारण होता है अंडाशय में किसी तरह का विकार होना | अंडाशय में जब अण्डों सही तरह से परिपक्व नहीं हो पाते है | इसके अलावा महिलओं में PCOS का होना एक बड़ी समस्या है | PCOS की समस्या में अधिक मात्रा में Harmon रिलीज होने लगते है जिससे की अंडाशय में सिस्ट बन जाते है जिसके कारन बांझपन की समस्या पैदा होती है | PCOS के कारन शरीर का वजन तेजी से बढ़ने लगता है और चेहरे पर बाल आने लगते है | 

फ़ैलोपिन ट्यूब में रूकावट 

जब शरीर में किसी कारन से अंडाशय से जुडी फ़ैलोपिन ट्यूब क्षतिग्रस्त हो जाती है या उसमें कोई ब्लॉकेज आ जाती है इसके कारन अंडे और शुक्राणु इसके अंदर नहीं जा पाते है और उनका निषेचन नहीं हो पाता है यह भी बाँझपन का एक प्रमुख कारण होता है |

एंडोमेट्रिओसिस (Endometriosis)

एंडोमेट्रिओसिस की समस्या में जब गर्भाशय के उत्तक अधिक तेजी से बढ़ने लगते है और यह गर्भाशय और फ़ैलोपिन ट्यूब के रस्ते को अवरुद्ध कर देते है यह अंडो और शुक्राणु के मिलन में भी बाधा बनते है और यदि अंडा निषेचित हो गया है तो उसे गर्भाशय में स्थापित होने में भी रुकावट पैदा करते है

गर्भाशय और गर्भाशय ग्रीवा में होने वाली समस्या 

गर्भाशय में fibroid और Polyps के कारण अंडे को गर्भाशय में स्थापित होने में दिक्कत आती है | इनकी वजह से भी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है | वैसे कुछ मामलों में जिन महिलाओं में fibroid और Polyps की समस्या होती है वे भी गर्भवती हो पाती है |  इसके अलावा गर्भाशय का असामान्य आकार, गर्भाशय ग्रीवा का संकुचन और आनुवंशिक कारणों से भी महिला को बांझपन की समस्या होती है | 

पुरुषों में बाँझपन के कारन 

शुक्राणुओं की कमी 

यदि किसी पुरुष के अंडकोष में सही मात्रा में शुक्राणुओं का उत्पादन नहीं हो पा रहा है तो ऐसी अवस्था में पुरुषों में infertility यानि की बाँझपन की दिक्कत हो सकती है | सामान्यतः पुरुषों में प्रति मिलीलीटर 20 लाख शुक्राणुओं का उत्पादन होना चाहिए | यदि शुक्राणुओं की संख्या इससे कम है तो महिला साथी को गर्भधारण करने में दिक्कत आती है | 

शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी 

यदि पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या तो सही है लेकिन उनकी गुणवत्ता सही नहीं है तो ऐसे में वे अंडो को सही तरह से निषेचित नहीं कर पाते है | पुरुषों के युवावस्था में प्रजनन अंगो के सही गठन से उनके अंडकोष सही तरह से काम करते है जिससे शुक्राणुओं सही तरह से ट्रिगर हो पाते है | 

शुक्राणुओं की गतिशीलता में कमी  

यदि पुरुष में जो शुक्राणु है यदि वह स्वस्थ नहीं है तो उन शुक्राणुओं को गर्भाशय से होते हुए फ़ैलोपिन ट्यूब तक पहुंचना होता है जहाँ पर अंडे निषेचन के लिए इंतज़ार कर रहे होते है | यदि इन शुक्राणुओं की मोटिलिटी रेट यानि की गतिशीलता सही नहीं होती है तो वो अंडो तक नहीं पहुंच पाते है जिससे गर्भाधान नहीं हो पाता है | शुक्राणुओं की गतिशीलता सही नहीं होने पर भी पुरुषों में बाँझपन की शिकायत होती है | 

आस्था फर्टिलटीटी में बांझपन के कारन होने वाली समस्याओं को दूर कर गर्भधारण करने में सहायता की जाती है | यदि समस्या अधिक है तो IVF और अन्य फर्टिलिटी ट्रीटमेंट द्वारा गर्भधारण को आसान बनाया जाता है | आस्था फर्टिलिटी IVF सेंटर के रूप में एक सर्वोत्तम विकल्प बनकर उभरा है जहाँ पर अच्छे माहौल में बेहतर ट्रीटमेंट प्रदान किया जाता है | आज ही फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिए हमारे विशेषज्ञों से सर्वोत्तम सलाह पाने के लिए फ्री ऑनलाइन अपोइंटमेंट बुक करें |

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