जानें Ovulation क्या है , कैसे होता है, कितने दिन रहता है और इसके लक्षण क्या है ?

कई जोड़ों का कहना होता है की वे बहुत प्रयास करने के बाद भी प्रेगनेंसी कंसीव नहीं कर पा रहे है | महिलाओं को गर्भवती होने के लिए सही समय पर प्रयास की जरुरत होती है नहीं तो आपने कितना भी प्रयास किया हो असफल ही जाता है | प्रेगनेंसी conceive होने के लिए सबसे जरुरी है यह जानना की Ovulation क्या है और Ovulation कैसे होता है, यह कितने दिन रहता है और कौनसे वे लक्षण है जिनके द्वारा आप जान सकते है की ovulation का समय शुरू हो गया है | 

Ovulation क्या होता है ?

जब अंडाशय के फॉलिकल से अंडा निकलता है तो यह अण्डोत्सर्ग की क्रिया Ovulation कहलाती है  |महिलाओं का मासिक चक्र 28 से 35 दिन के मध्य होता है | ऐसे में महिलाओं को अपने Ovalution का समय का अनुमान लगा लेना चाहिए | जब अंडा फॉलिकल से बाहर आता है तो उसके बाद वह फ़ैलोपिन ट्यूब में जाता है और फ़ैलोपिन ट्यूब में यह अंडा 12 से 24 घंटे के लिए रहता है | यही पर शुक्राणु द्वारा यह अंडा निषेचित होता है | 

Ovulation कब होता है ?

यदि महिला को सामान्य तरीके से 28 से 30 दिनों में पीरियड्स आते है तो उनके Ovulation का समय पीरियड्स से 2 हफ्ते पहले यानि की 14 दिन पहले का होता है |   इसका सही समय जानने के लिए आप अपने पीरियड के पहले दिन से 14 दिन गिन सकते है इस तरह वह आपके Ovulation का सही समय होता है |  यदि महिला को अनियमित पीरियड्स या 32 या 35 दिन में पीरियड आते है तो वह उतने अधिक दिन को voaluation के लिए बताये गए समय यानि की 14 दिन में जोड़कर अनुमान लगा सकती है | यानि की 35 दिन में पीरियड आने पर 14+7 =21 दिन का समय ovulation का सही समय होगा |  

Ovulation की अवधि

Ovulation window का समय 7 दिन का होता है जब सबसे अधिक चांस प्रेगनेंसी के होते है | फॉलिकल से अंडा निकलने के बाद वह 12 से 24 घंटे रहता है और एक पुरुष का शुक्राणु भी 3 से 5 दिन तक सक्रिय रहते है |  इसलिए यदि आपने Ovulation से 3 दिन पहले भी सेक्स किया है तो भी आप गर्भवती हो सकती है | लेकिन यह समय 12 से लेकर 18 वे दिन तक कभी भी हो सकता है | इसलिए आपको इस समय में बच्चे के लिए अधिक प्रयास करने की जरुरत होती है | आज तकनीक के इस युग में आप  अपने मोबाइल पर एप डाउनलोड करके भी अपने ovulation का सही समय जान सकती है |

Ovulation के लक्षण क्या है ?

जब अंडा फॉलिकल से अलग होकर फ़ैलोपिन ट्यूब में जाने लगता है तो महिला का शरीर होने वाली प्रेगनेंसी के अनुसार ही शरीर में परिवर्तन होने लगते है जिन्हें आप लक्षण देखकर जान सकते है | क्या है ये लक्षण आइये जानते है – 

  • फॉलिकल से अंडे के अलग होने पर महिला के शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्त्राव होने लगता है ऐसे में ovulation के समय महिला के शरीर के तापमान थोड़ा बढ़ सकता है | 
  • Ovulation के बाद शरीर में LH हार्मोन स्त्राव होने लगता है जिसे आप बाजार में मिलने वाली किट के द्वारा जान सकते है | 
  • शरीर में हार्मोन के परिवर्तन से महिला के स्तन मुलायम हो जाते है |
  • Ovulation के दौरान महिला को सर में दर्द और मिचली की शिकायत हो सकती है |  
  • यह प्रेगनेंसी के लिए सही समय होता है ऐसे में महिला को इस समय सेक्स करने की अधिक इच्छा होने लगती है | 

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निष्कर्ष

यदि कोई महिला बहुत प्रयासों के बाद भी गर्भवती नहीं हो पा रही है तो इसमें उसे निराश होने की कोई जरुरत नहीं है | आज विज्ञानं ने इंसानो की बहुत सी चिंताओं के साथ ही बच्चे की चिंता को भी दूर कर दिया है | आज के समय ऐसी कई फर्टिलिटी Treatment है जिनके द्वारा महिलाऐं माँ बन सकती है | आस्था फर्टिलिटी सेण्टर एक ऐसा ही फर्टिलिटी सेंटर है जहाँ पर आधुनिकतम Fertility Treatment किया जाता है | यहाँ पर उपचार से पहले महिला को सही परामर्श दी जाती है | और फिर उनकी मेडिकल History के आधार पर उपचार किया जाता है | अधिक जानकारी के लिए आप आस्था फर्टिलिटी की वेबसाइट पर जाकर अधिक जानकारी पा सकते है| 

Dr Namita Kotia

Dr Namita Kotia

Dr. Namita Kotia (IVF specialist in Jaipur) attained her Master’s in Obstetrics and Gynecology from S.N. Medical College, Jodhpur affiliated to University of Rajasthan in 1997. She has more than 10 years experience in field of Assisted Reproductive Technology (ART).Presently at Aastha Fertility Care Dr. Namita along with her team is providing complete infertility work up and treatment options under one roof. Her aim is to provide proper guidance and treatment to Infertile couples at AFFORDABLE RATES.She is life member of Indian Academy of Human Reproduction (IAHR), Indian Society for Assisted Reproduction (ISAR), Federation of Obstetrics and Gynecology Society of India (FOGSI) and Jaipur Obstetrics Gynecology Society (JOGS). She has a number of publications in various journals and presentations at state and National level conferences to her credit.Dr. Namita is also recipient of best paper presentation viz “Diagnosis of Congenital Mullerian anomalies by three dimensional Transvaginal Sonography” awarded at “Kishori” Conference in Jodhpur (2000).

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